राज्यपाल के दौरे पर आगरा की रफ्तार थमी, घंटों जाम में फंसी एंबुलेंस और स्कूली बसें; जनता रही परेशान
राज्यपाल के आगरा दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और रूट डायवर्जन के चलते सिकंदरा-बोदला रोड, नेशनल हाईवे और खंदारी मार्ग पर लंबा जाम लग गया। वाहन चालकों, स्कूली बसों और कामकाजी लोगों को परेशानी हुई। काफिला गुजरने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
आगरा। राज्यपाल के आगरा दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और रूट डायवर्जन के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। सिकंदरा-बोदला रोड, नेशनल हाईवे और खंदारी मार्ग समेत कई रास्तों पर लंबा जाम लग गया। इसके चलते वाहन चालकों, कामकाजी लोगों, पैदल यात्रियों और स्कूली बसों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुरक्षा व्यवस्था के चलते रोका गया यातायात
राज्यपाल के दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इसी क्रम में कई प्रमुख मार्गों पर यातायात को रोकने और वाहनों को दूसरे रास्तों से निकालने की व्यवस्था की गई। हालांकि, रूट डायवर्जन और कुछ स्थानों पर वाहनों की आवाजाही रुकने से सड़कों पर दबाव बढ़ गया।
सिकंदरा-बोदला रोड और खंदारी मार्ग पर वाहन चालकों को जाम में फंसना पड़ा। वहीं, नेशनल हाईवे पर भी यातायात प्रभावित होने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।
स्कूली बसों और कामकाजी लोगों को हुई परेशानी
लंबे जाम का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिला। काम पर जाने वाले लोगों को समय पर पहुंचने में दिक्कत हुई, जबकि स्कूली बसों में सवार बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। कई वाहन चालक जाम से निकलने के लिए वैकल्पिक रास्तों की तलाश करते नजर आए।
सुरक्षा व्यवस्था के कारण यातायात रोके जाने से पैदल यात्रियों को भी सड़क पार करने और आगे बढ़ने में मुश्किल हुई। प्रमुख मार्गों पर वाहनों की कतारें लगने से लोगों का समय बर्बाद हुआ।
काफिला गुजरने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हुआ ट्रैफिक
पुलिस के अनुसार, राज्यपाल का काफिला गुजरने के बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया गया। इसके बाद प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बहाल करने के प्रयास किए गए।
राज्यपाल के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता रही, लेकिन इस दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहरवासियों के लिए ऐसी व्यवस्थाओं में सुरक्षा के साथ-साथ यातायात को सुचारु बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि आम जनजीवन कम से कम प्रभावित हो।