आगरा मेट्रो का बड़ा अपडेट: सदर बाजार तक पहुंची ट्रेन, 3 किलोमीटर की डाउन लाइन पर हुआ सफल ट्रायल
आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर डिपो एंट्री लाइन से सदर बाजार स्टेशन तक तीन किलोमीटर लंबी डाउन लाइन पर सफल ट्रायल रन किया गया। अप लाइन पर भी जल्द ट्रायल की तैयारी है।
आगरा। आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। डिपो एंट्री लाइन से सदर बाजार स्टेशन तक तीन किलोमीटर लंबी डाउन लाइन पर मेट्रो ट्रेन का सफल ट्रायल रन किया गया। मॉल रोड पर पहली बार मेट्रो को दौड़ते देखकर स्थानीय लोग उत्साहित नजर आए। इस ट्रायल के साथ आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर का काम आगे बढ़ा है।
डिपो से सदर बाजार स्टेशन तक पहुंची मेट्रो
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के संयुक्त महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि फूल सैय्यद चौराहे के पास स्थित डिपो से मेट्रो ट्रेन को सदर बाजार स्टेशन तक चलाया गया। सफल ट्रायल के बाद ट्रेन को वापस डिपो लाया गया। इस दौरान परियोजना निदेशक अरविंद राय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
दूसरे कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन की तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। डाउन लाइन पर ट्रायल रन सफल होने के बाद अब अप लाइन पर भी काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
अप लाइन पर ट्रायल की तैयारी तेज
यूपीएमआरसी के अधिकारियों के अनुसार, अप लाइन पर ट्रैक बिछाने का काम अंतिम चरण में है। पिछले सप्ताह मेट्रो संचालन के लिए बिजली उपलब्ध कराने वाली थर्ड रेल का काम भी पूरा कर लिया गया था। शेष ट्रैक, ट्रैक्शन और सिग्नलिंग संबंधी कार्य पूरे होने के बाद अप लाइन पर ट्रायल रन किया जाएगा।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इस उपलब्धि पर परियोजना से जुड़ी टीम और ठेकेदारों को बधाई दी।
आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक विकसित हो रहा कॉरिडोर
आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक के हिस्से को प्राथमिकता वाला खंड चिह्नित किया गया है। इस क्षेत्र में विभिन्न स्टेशनों का निर्माण तेजी से चल रहा है। वहीं, एमजी रोड से कालिंदी विहार तक भी सिविल निर्माण कार्य जारी है।
दूसरे कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा शुरू होने से शहर के लोगों को आवागमन का एक और विकल्प मिलेगा। इससे सड़क यातायात पर दबाव कम करने और शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, परियोजना के अगले चरण में शेष निर्माण कार्यों और तकनीकी परीक्षणों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।