यूपी: जाम से कैसे मुक्त होगा आगरा? व्यापारियों ने दिए ये सुझाव, एमजी रोड के लिए बताया सबसे सटीक प्लान
आगरा में एमजी रोड से हाईवे तक जाम की समस्या से व्यापारी और आम लोग परेशान हैं। व्यापारियों ने ट्रैफिक लाइट दुरुस्त करने, अतिक्रमण हटाने, पार्किंग व्यवस्था सुधारने और वन-वे लागू करने की मांग की है।
आगरा। शहर में एमजी रोड से लेकर हाईवे तक जाम की समस्या लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। प्रमुख चौराहों, बाजारों और निर्माण कार्य वाले मार्गों पर वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। इससे व्यापारियों, अधिवक्ताओं और आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन से ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग की है।
अमर उजाला के अभियान 'ऑपरेशन ट्रैफिक' के तहत शहर के व्यापारियों और अधिवक्ताओं ने जाम की समस्या को लेकर अपनी परेशानियां साझा कीं। उनका कहना है कि पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती, ट्रैफिक लाइटों को दुरुस्त करने, अतिक्रमण हटाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की जरूरत है। व्यापारियों ने अधिकारियों से खुद सड़कों पर उतरकर जाम के कारणों का निरीक्षण करने और प्रभावी समाधान निकालने की अपील की।
एमजी रोड से खेरिया मोड़ तक जाम, बढ़ा सफर का समय
आगरा इलेक्ट्रिक कांट्रैक्टर्स एंड मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने बताया कि शहर में जाम के कारण व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। त्योहारों के दौरान कारोबार प्रभावित होने से व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से विशेष कार्ययोजना बनाकर यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की।
अधिवक्ता उर्वशी वर्मा के मुताबिक, धनौली से दीवानी तक पहुंचने में पहले करीब एक घंटा लगता था, लेकिन अब दो से तीन घंटे तक का समय लग जाता है। पिछले छह महीने से एमजी रोड, रावली, हरीपर्वत और खेरिया मोड़ पर जाम की समस्या बनी हुई है। खेरिया ओवरब्रिज बंद होने से यातायात का दबाव और बढ़ गया है।
अधिवक्ता सूरज सिंह ने बताया कि पथौली से दीवानी आते समय शाहगंज में जाम का सामना करना पड़ता है। अब एमजी रोड पर भी यातायात व्यवस्था बिगड़ी हुई है। चौराहों पर पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की तैनाती के बावजूद लोगों को जाम से राहत नहीं मिल पा रही है।
मेट्रो निर्माण से हाईवे पर यातायात प्रभावित
अधिवक्ता विशाल चौधरी ने बताया कि घर से निकलते ही सिकंदरा चौराहे पर जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। हाईवे पर मेट्रो निर्माण कार्य के कारण गुरुद्वारा गुरु का ताल तक यातायात प्रभावित रहता है। पहले जहां दीवानी पहुंचने में करीब 15 मिनट लगते थे, वहीं अब एक घंटे से अधिक समय लग रहा है।
व्यापारी वेदपाल धर ने कहा कि शहर में जाम की स्थिति ऐसी हो गई है कि लोगों को घर से निकलने से पहले ही अपने रास्ते के बारे में सोचना पड़ता है। इसके बावजूद जिस मार्ग से गुजरते हैं, वहां जाम में फंसने की आशंका बनी रहती है।
व्यापारी सचिन मल्होत्रा ने बताया कि बाजारों में जाम के कारण पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। कई बार जाम की वजह से ग्राहक बाजार आने से बचते हैं।
व्यापारी आदित्य माहेश्वरी के मुताबिक, जाम के कारण ग्राहकों का बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों को अपने घर लौटने में भी घंटों लग जाते हैं, जिससे जरूरी काम प्रभावित होते हैं।
एंबुलेंस और स्कूल बसें भी जाम में फंस रहीं
व्यापारी संजय जैसवानी ने बताया कि स्कूलों और दफ्तरों की छुट्टी के समय जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। एंबुलेंस और स्कूल बसों का जाम में फंसना आम बात हो गई है। उन्होंने यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत बताई।
आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन रैपुरिया ने कहा कि मुख्य बाजारों के रास्ते संकरे होने के कारण सामान्य दिनों में भी जाम लगता है। त्योहार और सहालग के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। उन्होंने संकरे रास्तों वाले बाजारों में वन-वे व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया।
पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या दूर करने की मांग
व्यापारी राकेश गुप्ता ने बताया कि मुख्य बाजारों में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से जाम की समस्या बनी रहती है। खरीदारों के वाहनों के लिए उचित पार्किंग स्थल विकसित किए जाने चाहिए, ताकि लोग आसानी से बाजार पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन भी दिया जा चुका है।
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि चौराहों पर अतिक्रमण और ऑटो स्टैंड के कारण यातायात बाधित होता है। इससे कारोबार प्रभावित होने के साथ आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। शहर में कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी घंटों लग जाते हैं।
व्यापारियों ने सुझाए जाम से राहत के उपाय
व्यापारियों और अधिवक्ताओं ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कई सुझाव दिए हैं। इनमें प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती, खराब ट्रैफिक लाइटों की मरम्मत, यातायात नियमों का सख्ती से पालन, अतिक्रमण हटाना, ऑटो स्टैंड को व्यवस्थित करना और बाजारों में पार्किंग की व्यवस्था करना शामिल है।
इसके अलावा, संकरे बाजारों में वन-वे व्यवस्था लागू करने और मेट्रो निर्माण वाले मार्गों पर यातायात का बेहतर प्रबंधन करने की मांग की गई है। व्यापारियों का कहना है कि अधिकारियों को खुद प्रमुख मार्गों का निरीक्षण कर जाम के वास्तविक कारणों की पहचान करनी चाहिए। उनका मानना है कि योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाए जाएं तो शहरवासियों को जाम से राहत मिल सकती है और कारोबार भी प्रभावित होने से बच सकता है।