यूपी: 4,500₹ में बन रहे जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र! आगरा नगर निगम में चल रहा बड़ा खेल; पड़ताल में बड़ा खुलासा
आगरा नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर कथित दलालों द्वारा 4,500 रुपये तक मांगने का मामला सामने आया है। लोहामंडी, हरीपर्वत, छत्ता और ताजगंज जोन में हजारों आवेदन लंबित हैं। नए नियमों के चलते लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
ज्यादा आवेदन लंबित
नगर निगम के चार जोन में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के हजारों आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लोहामंडी जोन में स्थिति सबसे खराब है।
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लोहामंडी जोन: सात दिन में आवेदन वाले 2,420 और एक महीने से अधिक समय वाले 2,335 आवेदन लंबित।
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हरीपर्वत जोन: 1,526 आवेदन लंबित।
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छत्ता जोन: 1,380 आवेदन लंबित।
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ताजगंज जोन: 619 आवेदन लंबित।
लंबित आवेदनों के कारण लोगों को स्कूल में बच्चों के दाखिले और अन्य जरूरी कामों के लिए प्रमाणपत्र हासिल करने में परेशानी हो सकती है। लोगों की मांग है कि नगर निगम लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करे और आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाए।
एक अक्तूबर से लागू हुए नए नियम, जानिए क्या है प्रक्रिया
जन्म-मृत्यु के विलंबित पंजीकरण को लेकर एक अक्तूबर से लागू नियमों के तहत अलग-अलग समयावधि के लिए संबंधित अधिकारियों की अनुमति जरूरी है।
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21 दिनों के भीतर: जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
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21 से 30 दिनों के बीच: विलंबित पंजीकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क संबंधी नियम लागू होते हैं।
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31 दिन से एक वर्ष तक: शहरी क्षेत्र में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत राज अधिकारी से अनुमोदन कराना होगा।
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एक से दो वर्ष तक: संबंधित एसडीएम से अनुमति लेनी होगी।
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दो वर्ष से अधिक समय बीतने पर: प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के आधार पर पंजीकरण कराया जाएगा। इसके लिए एसीजेएम-3 को अधिकृत किया गया है।
नियमों के अनुसार, समय पर पंजीकरण कराने से लोगों को बाद में लंबी प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी से बचाया जा सकता है।
नगर आयुक्त बोले- हेल्प डेस्क से लें जानकारी
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि नगर निगम के चारों जोन में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। नए नियमों के कारण फिलहाल कुछ परेशानियां सामने आ रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दलालों के चक्कर में पड़ने के बजाय नगर निगम की हेल्प डेस्क या अधिकृत कर्मचारियों से संपर्क करें।
वहीं, पार्षद संजय राय ने कहा कि प्रक्रिया जटिल होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है और दलाल सक्रिय हैं। नगर निगम को सभी लंबित आवेदनों का जल्द निस्तारण करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पुरानी वेबसाइट का डाटा उपलब्ध नहीं होने से प्रमाणपत्र बनवाने में दिक्कतें बढ़ रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील- 21 दिन के भीतर कराएं पंजीकरण
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने लोगों से जन्म या मृत्यु के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की अपील की है। समय पर पंजीकरण कराने से बाद में अनुमोदन और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी जटिलताओं से बचा जा सकता है।
अब नगर निगम के सामने लंबित आवेदनों का निस्तारण करने, तकनीकी समस्याओं को दूर करने और प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर कथित वसूली की शिकायतों पर कार्रवाई करने की चुनौती है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन की समीक्षा और प्रभावी कदमों से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी।