यूपी: कैसा होगा शिवाजी म्यूजियम? सनातन का वैभव और शौर्य की ऐसी गाथा; ये पांच तस्वीरें जीत लेंगी दिल
आगरा में 198.84 करोड़ रुपये से बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का 80% काम पूरा। जानें सात गैलरियों, 7-डी थिएटर और सांस्कृतिक आकर्षणों की खासियत।
आगरा। ताजमहल के पूर्वी गेट रोड पर निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार दोपहर निरीक्षण करेंगे। करीब 198.84 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस म्यूजियम का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को म्यूजियम की प्रस्तावित गैलरियों, आधुनिक सुविधाओं और आंतरिक सज्जा के बारे में जानकारी दी जाएगी।
करीब 5.9 एकड़ जमीन पर बन रहा यह म्यूजियम भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और छत्रपति शिवाजी महाराज के अदम्य साहस एवं शौर्य की गाथा को प्रदर्शित करेगा। इसमें आगरा की ऐतिहासिक विरासत, कला, हस्तशिल्प, खानपान और सांस्कृतिक परंपराओं की भी झलक देखने को मिलेगी।
सात गैलरियों में दिखेगा इतिहास और संस्कृति का संगम
म्यूजियम में कुल सात गैलरियां प्रस्तावित हैं। इनमें छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, उनकी विरासत और मुगल बादशाह औरंगजेब की कैद से निकलने की ऐतिहासिक घटना को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा आगरा के ऐतिहासिक स्मारकों, स्थापत्य कला, त्योहारों, नदियों, व्यंजनों और हस्तशिल्प से जुड़ी जानकारी भी पर्यटकों को मिलेगी।
म्यूजियम की एक गैलरी में छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को दर्शाया जाएगा, जबकि दूसरी गैलरी में आगरा से उनके साहसिक प्रस्थान की कहानी प्रस्तुत की जाएगी। यहां 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और प्राचीन शस्त्रों को भी प्रदर्शित करने की योजना है।
7-डी थिएटर में दिखेगा आधुनिक तकनीक का अनुभव
म्यूजियम का प्रमुख आकर्षण 7-डी थिएटर होगा। इसमें वर्चुअल रियलिटी, इंटरएक्टिव तकनीक, लाइट एंड साउंड शो और डिजिटल आर्काइव जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। इन तकनीकों के माध्यम से पर्यटक इतिहास की घटनाओं को अधिक जीवंत और रोचक तरीके से समझ सकेंगे।
यूपी पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह के मुताबिक, छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और औरंगजेब की कैद से बाहर निकलने की साहसिक योजना पर आधारित प्रस्तुति में 7-डी तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे भारतीय इतिहास को नए अंदाज में प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी।
यूपी की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं की झलक
म्यूजियम में उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी प्रमुखता दी जाएगी। इसमें काशी की महाशिवरात्रि और देव दीपावली, ब्रज का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव तथा प्रयागराज के महाकुंभ जैसे प्रमुख आयोजनों को प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके साथ ही गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा नदियों से जुड़ी आस्था, लोकजीवन और सांस्कृतिक परंपराओं को भी दर्शाया जाएगा। आगरा गैलरी में शहर के प्रमुख स्मारकों, उनकी स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी मिलेगी। उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों, स्थानीय स्वाद और हस्तकलाओं को भी म्यूजियम का हिस्सा बनाया जाएगा।
इंटीरियर पर खर्च होंगे करीब 80 करोड़ रुपये
म्यूजियम की आंतरिक सज्जा और गैलरियों को आकर्षक बनाने के लिए करीब 80 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है। टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा लगभग 198.84 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह इमारत प्रदेश में प्री-कास्ट तकनीक से निर्मित होने के कारण भी खास मानी जा रही है।
गौरतलब है कि इस परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्कालीन मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम कर दिया था। अब निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसे 15 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
म्यूजियम के तैयार होने के बाद आगरा आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को इतिहास, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा अनुभव मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान निर्माण की प्रगति और प्रस्तावित सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।