logo logo
logo logo

Contact Information

Branch office:- Shop 10 38/4A Basement, block Samriddhi building, near balaji juice ,J&k bank and Yes bank, Sanjay Palace, Sanjay Place, Civil Lines, Agra, Uttar Pradesh 282002

Call: +91 6399 505 060

agratrends@gmail.com
Trending in Agra

अद्भुत: सात किलो का रजत मुकुट, 168 झांकियों में दिखेगा सनातन का विराट स्वरूप; सिया वरन को आज आएंगे रघुराई

आगरा में आज 168 झांकियों के साथ ऐतिहासिक राम बरात निकलेगी। सात किलो के रजत मुकुट में श्रीराम आकर्षण का केंद्र रहेंगे।


  • October 06, 2026
  • 1 minute
  • 12 Views
Image

आगरा। उत्तर भारत की प्रसिद्ध ऐतिहासिक राम बरात मंगलवार को आगरा में भव्य स्वरूप में निकाली जाएगी। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों की गूंज के बीच निकलने वाली राम बरात में इस बार 168 झांकियां शामिल होंगी। इन झांकियों के माध्यम से देशभर की धार्मिक परंपराओं, सनातन संस्कृति और सामाजिक संदेशों की भव्य झलक देखने को मिलेगी।

राम बरात में भगवान श्रीराम करीब सात किलो के रजत मुकुट में दमकेंगे। बरात की अगुवाई रजत रथ पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी करेंगे। इसके बाद गोवर्धन लीला, तिरुपति बालाजी, वैष्णो देवी, भगवान जगन्नाथ, सांवरिया सेठ, सालासर बालाजी और श्रीनाथजी समेत देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की झांकियां शामिल होंगी।

168 झांकियों में दिखेगी देशभर की धार्मिक और सांस्कृतिक झलक

श्रीराम लीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल के अनुसार, इस बार 15 विशेष भव्य झांकियां तैयार की गई हैं। इनमें फल-मेवा से सजी झांकियों के साथ सामाजिक, आध्यात्मिक और देशभक्ति से जुड़े संदेश भी देखने को मिलेंगे।

राम बरात प्रभारी प्रवीण स्वरूप बंसल ने बताया कि दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत तक के ऐतिहासिक मंदिरों और धार्मिक परंपराओं को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। बरात की शुरुआती पांच झांकियां गणेश जी की होंगी। इनमें करीब आठ फुट ऊंचे गणेश जी हाथ जोड़कर बरात की अगवानी करते नजर आएंगे।

उत्तराखंड, महाराष्ट्र, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और राजस्थान सहित कई राज्यों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को भी झांकियों में शामिल किया गया है।

तिरुपति बालाजी से वैष्णो देवी तक होंगे प्रमुख आकर्षण

मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया कि गोवर्धन लीला की झांकी में पर्वत और सरोवर के साथ मेवा से सजा आकर्षक दृश्य तैयार किया गया है। सांवरिया सेठ की झांकी भक्ति का रंग बिखेरेगी, जबकि तिरुपति बालाजी की झांकी फलों से सजाई जाएगी।

इसके अलावा सालासर बालाजी, श्रीनाथजी, पीतांबरी देवी, वैष्णो देवी, भगवान जगन्नाथ और नीब करौरी बाबा की झांकियां भी राम बरात का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। विशाल बजरंग बली का स्वरूप और प्लेटफॉर्म पर हिलता-चलता डायनासोर बच्चों और युवाओं को खासा आकर्षित करेगा। फिल्मी दृश्यों और कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियां भी बरात की भव्यता बढ़ाएंगी।

सात किलो के रजत मुकुट में दमकेंगे श्रीराम

राम बरात में चारों भाइयों—श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न—का विशेष शृंगार भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। बारहदरी में चारों भाइयों के मुकुट और पोशाक तैयार करने का काम शृंगार कमेटी पिछले दो महीने से कर रही है।

शृंगार कमेटी प्रभारी राहुल शर्मा के अनुसार, भगवान श्रीराम के लिए करीब सात किलो का रजत मुकुट तैयार किया गया है। मुकुट में सूर्य चिह्न, जयपुर से लाई गई विशेष कलगी, भगवान विष्णु के पांच आयुध और नृत्य करते मोर की आकृति बनाई गई है।

श्रीराम पीतांबरी शेरवानी के साथ मैरुन रंग के काम और गोट से सजी पोशाक धारण करेंगे। वहीं लक्ष्मण जी का करीब साढ़े छह किलो का रजत मुकुट शेषनाग की आकृतियों से सुसज्जित होगा, जिसमें रत्न भी लगाए गए हैं।

सड़क पर नाचते हुए नहीं चलेंगी झांकियां

राम बरात को लेकर कमेटी ने झांकियों की प्रस्तुति के संबंध में भी विशेष व्यवस्था की है। ताराचंद ने बताया कि किसी भी स्वरूप की झांकी सड़क पर नाचते हुए नहीं चलेगी। केवल मां काली का अखाड़ा अपनी पारंपरिक प्रस्तुति के साथ आगे बढ़ेगा।

कमेटी अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि राम बरात की मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाएगा और किसी भी तरह की अमर्यादित झांकी को बरात में शामिल नहीं किया जाएगा।

दो एंबुलेंस भी रहेंगी साथ

राम बरात के दौरान आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था के लिए हेल्प आगरा की दो एंबुलेंस भी बरात के साथ चलेंगी। आयोजकों ने श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा के लिए चिकित्सा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।

टीएन अग्रवाल ने बताया कि राम बरात दोपहर तीन बजे रावतपाड़ा से शुरू होगी। सभी झांकियां दरेसी नंबर एक पर एकत्र होंगी और निर्धारित क्रम के अनुसार आगे बढ़ेंगी। कमेटी का प्रयास है कि रात करीब 11 बजे तक सभी झांकियां बेलनगंज पहुंच जाएं।

आगरा की ऐतिहासिक राम बरात में इस बार धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति, सामाजिक संदेश और देश के विभिन्न हिस्सों की सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।


Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *