आगरा के भगवान टॉकीज चौराहे पर अवैध वसूली का आरोप, ऑटो से 30 और डग्गेमार बसों से 1200 रुपये तक लेने का दावा
आगरा के भगवान टॉकीज चौराहे पर ऑटो से 30 रुपये और डग्गेमार बसों से 1200 रुपये तक वसूली के आरोप। जानें जाम, अतिक्रमण और पुलिस के बयान से जुड़ी पूरी खबर।
आगरा। शहर के व्यस्त भगवान टॉकीज चौराहे पर अवैध वसूली और अतिक्रमण के आरोपों ने यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से चौराहा पार करने के लिए रोजाना 30 रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि डग्गेमार बसों से प्रत्येक चक्कर के 1,000 से 1,200 रुपये तक लिए जाते हैं। चौराहे पर बसों, ऑटो और ई-रिक्शा के जमावड़े के कारण लोगों को रोजाना जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों के अनुसार, भगवान टॉकीज फ्लाईओवर के नीचे और आसपास की सर्विस रोड पर बसें, ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य यात्री वाहन सवारियां भरते हैं। आरोप है कि कुछ युवक हाथ में डंडा और कागज लेकर वाहन चालकों से रुपये लेते हैं। इसके बाद ऑटो को आगे बढ़ने दिया जाता है। यह गतिविधियां थाना न्यू आगरा के सामने होने के आरोप भी लगाए गए हैं।
30 रुपये देने के बाद ही आगे बढ़ने का आरोप
स्थानीय स्तर पर सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह करीब 11:30 बजे भगवान टॉकीज से सुल्तानगंज पुलिया की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर एक युवक ऑटो चालकों को रोककर रुपये मांग रहा था। आरोप है कि चालक 30 रुपये देने के बाद ही आगे बढ़ पा रहे थे।
बताया गया कि रामबाग और सिकंदरा की तरफ से आने वाले ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को भी चौराहा पार करने के लिए कथित तौर पर रुपये देने पड़ते हैं। यह वसूली किसी निर्धारित पार्किंग स्थल पर नहीं, बल्कि सड़क पर किए जाने का आरोप है।
पर्ची पर तारीख और नंबर दर्ज करने का आरोप
बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12:15 बजे सुल्तानगंज पुलिया की ओर से आने वाली सर्विस रोड पर फ्लाईओवर के नीचे एक युवक पर्ची लेकर खड़ा था। आरोप है कि वह ऑटो के शीशे पर उस दिन की तारीख का नंबर नहीं होने पर चालक को रोकता था। रुपये लेने के बाद पर्ची पर नंबर दर्ज करके वाहन को आगे जाने दिया जाता था।
इस तरह की कथित वसूली के कारण सर्विस रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं।
हरियाणा नंबर की बसों और डग्गेमार वाहनों पर सवाल
भगवान टॉकीज चौराहे पर हरियाणा नंबर की बसों और अन्य डग्गेमार वाहनों के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आईएसबीटी बस अड्डा यहां से करीब दो किलोमीटर दूर है, लेकिन आरोप है कि फ्लाईओवर के नीचे और आसपास बसें व वैन खड़ी करके सवारियां भरी जाती हैं।
स्थानीय दुकानदारों का दावा है कि डग्गेमार बसों के चालक कथित तौर पर हर चक्कर के 1,000 से 1,200 रुपये तक देते हैं। उनका आरोप है कि इसी वजह से इन वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। हालांकि, वसूली के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जिम्मेदार लोगों की पहचान जांच का विषय है।
फुटपाथ पर अतिक्रमण, पैदल चलने वालों को परेशानी
भगवान टॉकीज चौराहे पर जाम की एक बड़ी वजह सड़क किनारे वाहनों का जमावड़ा और फुटपाथ पर अतिक्रमण भी बताया जा रहा है। थाना न्यू आगरा के पास बने फुटपाथ के बाहर दोपहिया वाहन खड़े होने से पैदल चलने वालों के लिए रास्ता सीमित हो जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूलों की छुट्टी के दौरान बसों, ऑटो और वैन की आवाजाही बढ़ जाती है। इससे दयालबाग से एमजी रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर जाम की स्थिति बन जाती है। चौराहे के आसपास खड़े ऑटो और ई-रिक्शा परेशानी को और बढ़ा देते हैं।
अवैध वसूली की जांच कराई जाएगी: अपर पुलिस आयुक्त
अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल ने कहा कि यदि चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से अवैध वसूली की जा रही है, तो इसकी पुलिस से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही ऑटो खड़े कराए जाने चाहिए और निर्धारित दूरी संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए। इस मामले में थाना पुलिस से भी जवाब लिया जाएगा।
कार्रवाई के बाद फिर शुरू हो जाती है वसूली?
स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि अधिकारियों के निर्देश मिलने पर पुलिस कार्रवाई करती है और कथित वसूली करने वालों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की जाती है। हालांकि, उनके मुताबिक कुछ समय बाद आरोपी फिर से उसी गतिविधि में शामिल हो जाते हैं।
अब सवाल यह है कि भगवान टॉकीज चौराहे पर यातायात व्यवस्था सुधारने, फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराने और कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए स्थायी कदम कब उठाए जाएंगे। पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से ही इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।