Agra News: यमुना के घाटों पर बनाए दुर्गा प्रतिमा विसर्जन कुंड
आगरा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए कैलाश मंदिर घाट, हाथीघाट और दशहरा घाट पर कुंड बनाए गए हैं। नगर निगम ने बैरिकेडिंग, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सड़क मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
आगरा। यमुना नदी के किनारे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित बनाने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कैलाश मंदिर घाट, हाथीघाट और दशहरा घाट पर प्रतिमा विसर्जन के लिए विशेष कुंड बनाए गए हैं। इन कुंडों में गंगाजल भरा जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग भी कराई गई है, ताकि विसर्जन के दौरान किसी तरह की दुर्घटना न हो।
शनिवार शाम नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार के साथ दशहरा घाट और हाथीघाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, चूना छिड़काव और सड़कों के गड्ढों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों को विसर्जन से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए कहा गया।
नदी में सीधे विसर्जन के बजाय कुंडों में होगी व्यवस्था
रामनवमी के अवसर पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को यमुना नदी की गहराई में जाने से रोकने के लिए नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। घाटों पर बनाए गए कुंडों में प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। इससे पानी में डूबने या तेज बहाव में बहने जैसी दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिलेगी।
उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत यमुना नदी में सीधे मूर्ति विसर्जन के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। नगर निगम का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ नदी को भी सुरक्षित रखना है।
घाटों के रास्तों पर सफाई और रोशनी के निर्देश
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाएगी। इसके अलावा घाटों तक जाने वाले रास्तों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी और सड़कों पर बने गड्ढों को भरवाया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जेडएसओ आशुतोष वर्मा, राजीव बालियान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम की ओर से विसर्जन के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।