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जनकपुरी महोत्सव 2026: बेटी की विदाई देख भावुक हुई जनकपुरी, सिया को विदा कर रो पड़ा जनक परिवार

आगरा के जनकपुरी महोत्सव में माता सीता की विदाई भावुक माहौल में हुई। पारंपरिक विदाई गीतों, पारिवारिक रस्मों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।


  • October 10, 2026
  • 1 minute
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आगरा के जनकपुरी महोत्सव में माता सीता की विदाई के दौरान मिथिलानगरी का माहौल भावुक हो गया। कई दिनों तक विवाह के मंगल गीतों और उत्सवों से गूंजने वाली जनकपुरी में विदाई की बेला आते ही खुशियां भावुक पलों में बदल गईं। राजा जनक के स्वरूप अशोक कुमार गोयल और रानी सुनयना के स्वरूप लता गोयल की आंखें नम हो गईं। इस समारोह ने भारतीय संस्कृति में बेटी की विदाई से जुड़े प्रेम, स्नेह और पारिवारिक भावनाओं को खूबसूरती से दर्शाया।

पारंपरिक विदाई गीतों के बीच भावुक हुए श्रद्धालु

विदाई के समय पारंपरिक गीतों की गूंज के बीच राजा जनक और रानी सुनयना ने माता सीता का हाथ प्रभु श्रीराम को सौंपा। ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ जैसे भावुक विदाई गीतों ने माहौल को करुणामय बना दिया। वहां मौजूद श्रद्धालु और दर्शक भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए।

विदाई का सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया, जब माता सीता के भाई शोभिक और मोहित गोयल ने अपनी बहन को गोद में उठाकर सजे हुए रथ तक पहुंचाया। भाई-बहन के प्रेम और स्नेह से भरे इस दृश्य ने उपस्थित लोगों का मन छू लिया। माता सीता के साथ माता तुलसी की भी विदाई की गई।

इसके बाद प्रभु श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के स्वरूपों की आरती उतारी गई। प्रभु श्रीराम अपने भाइयों के साथ घोड़ों पर सवार होकर निकले। यात्रा होली पब्लिक स्कूल से भावना एस्टेट पहुंची। इसके बाद सभी स्वरूप वाहनों से नेहरू नगर स्थित जनक निवास की ओर रवाना हुए, जहां विदाई की पारंपरिक रस्में निभाई गईं।

इस दौरान माता जानकी ने हल्दी के थापे लगाए। देर रात प्रभु श्रीराम की आरती के बाद सभी स्वरूपों की धूमधाम से विदाई हुई।

जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव भी विदाई के समय भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि माता सीता की विदाई भारतीय संस्कृति में बेटी के प्रति माता-पिता के प्रेम, त्याग, आशीर्वाद और स्नेह का प्रतीक है।

वर-वधू पक्ष के बीच हुई पारंपरिक मिलनी

समारोह में राजा जनक के स्वरूप अशोक कुमार गोयल और राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल के बीच पारंपरिक मिलनी हुई। इस दौरान जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति और श्रीरामलीला कमेटी के सदस्यों ने भी आपस में मुलाकात कर पारंपरिक रस्में निभाईं।

जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल से भी मिलनी की। इस अवसर पर तारा चंद्र अग्रवाल, राम बरात प्रभारी प्रवीण स्वरूप बंसल, मुकेश जौहरी, रामकिशन अग्रवाल, संजय अग्रवाल, मनोज पोली, अंजुल बंसल, राहुल गौतम, राम अभिषेक, राहुल शर्मा और मनीष शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

विदाई समारोह में अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन

जनकपुरी महोत्सव के विदाई समारोह में कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भाग लिया। स्वागताध्यक्ष अरविंद शर्मा के साथ मोहित गोयल और रजत सिंघल ने केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया, ब्रज क्षेत्र के संगठन मंत्री अभय गिरि, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विजय शिवहरे, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता तथा श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल का स्वागत और अभिनंदन किया।

मिल्टन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की नृत्य-नाटिका

समारोह में मिल्टन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने रामायण पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया और प्रभु श्रीराम के जीवन से जुड़े आदर्शों, संस्कारों तथा भारतीय परंपराओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर आयोजन समिति के कई सदस्य और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। इनमें संतोष कटारा, अजय अवागढ़, नरेंद्र सिंह सेंगर, अशोक गुप्ता, संजय गोयल, मनोज बंसल, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानियां और मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।

जनकपुरी महोत्सव में माता सीता की विदाई ने पूरे आयोजन को भावुक यादों के साथ विराम दिया। मंगल गीतों से शुरू हुआ उत्सव विदाई के मार्मिक दृश्यों में बदल गया। इस समारोह ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं और माता-पिता तथा बेटी के बीच के अटूट रिश्ते को एक बार फिर जीवंत कर दिया।


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