ट्रैफिक अभियान: लोहामंडी चौराहे का हाल तो देखिए, 15 मिनट में पार होता है रास्ता; ऑटो-ई-रिक्शा से दिनभर जाम
आगरा के लोहामंडी चौराहे पर सुबह से रात तक जाम की समस्या बनी रहती है। सड़क पर ऑटो-ई-रिक्शा की अव्यवस्थित पार्किंग, संकरे रास्ते और वाहनों के दबाव से लोग परेशान हैं। कोठी मीना बाजार और साकेत कॉलोनी चौराहे पर भी यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है|
आगरा। शहर के लोहामंडी चौराहे पर यातायात व्यवस्था की बदहाली स्थानीय लोगों के लिए रोजाना की परेशानी बन गई है। यहां सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक जाम जैसे हालात बने रहते हैं। संकरी सड़कें, ऑटो और ई-रिक्शा की बेतरतीब पार्किंग तथा चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों का दबाव यातायात को प्रभावित कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि चौराहा पार करने के लिए लोगों को कई बार 15 मिनट पहले घर से निकलना पड़ता है।
लोहामंडी चौराहे से जगदीशपुरा रोड, थाना लोहामंडी रोड, सेंट जोंस रोड और तोता का ताल की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सड़क के बड़े हिस्से पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े होने से रास्ता संकरा हो जाता है। ऐसे में चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों को निकलने में परेशानी होती है। यातायात पुलिसकर्मियों को भी सीमित जगह में वाहनों का संचालन कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद नहीं सुधर रहे हालात
लोहामंडी चौराहे के पास थाना होने के साथ ही यहां थाना पुलिस और यातायात पुलिस की तैनाती भी रहती है। इसके बावजूद यातायात व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिसकर्मियों के कुछ मिनट के लिए हटते ही चौराहे पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने लगती है और जाम की स्थिति बन जाती है।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के सड़क किनारे कतार में खड़े होकर सवारियों को बुलाने से भी समस्या बढ़ती है। इससे दूसरे वाहनों के लिए निकलने की जगह कम बचती है और चौराहे पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है।
डिवाइडर और यूटर्न भी नहीं दे सके राहत
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पहले लोहामंडी रोड के डिवाइडर पर लोहे की रेलिंग लगाई गई थी। इसका उद्देश्य आने और जाने वाले वाहनों को निर्धारित दिशा में रखना था। हालांकि, भीड़ बढ़ने पर कुछ वाहन चालक विपरीत दिशा में वाहन ले जाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था और बिगड़ जाती है।
सेंट जोंस की ओर से जगदीशपुरा रोड जाने वाले वाहनों को लोहामंडी थाने की ओर पुलिया से यूटर्न लेना पड़ता है। इस दौरान वाहन एक-दूसरे के रास्ते में आ जाते हैं और जाम लगने लगता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि डिवाइडर और यूटर्न की व्यवस्था से राहत मिलेगी, लेकिन समस्या अब भी बनी हुई है।
कोठी मीना बाजार चौराहे पर भी वाहनों की कतारें
लोहामंडी चौराहे के आसपास ही नहीं, कोठी मीना बाजार चौराहे पर भी यातायात संचालन में परेशानी देखने को मिलती है। एक रिक्शा चालक के मोड़ने के दौरान रास्ते में फंसने से वाहनों की कतार लग गई। सामने एसीपी कार्यालय होने के बावजूद मौके पर तत्काल पुलिस सहायता नहीं मिली। आखिरकार लोगों ने खुद शोर मचाकर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया।
साकेत कॉलोनी में एंबुलेंस भी फंसी
साकेत कॉलोनी चौराहे पर भी यातायात व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक नजर आई। यहां पुलिस बूथ पर ताला लगा था। स्कूलों की छुट्टी के बाद वाहनों की कतार लग गई और इस दौरान एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। हालात बिगड़ने पर स्थानीय लोगों को खुद सड़क पर उतरकर वाहनों का संचालन करना पड़ा, जिसके बाद रास्ता खुल सका।
स्थायी समाधान की जरूरत
लोहामंडी और आसपास के चौराहों पर बार-बार लगने वाला जाम लोगों के समय के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं के लिए भी परेशानी पैदा कर रहा है। स्थानीय स्तर पर ऑटो और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित स्थान, सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई, यूटर्न व्यवस्था में सुधार और व्यस्त समय में प्रभावी यातायात प्रबंधन जैसे कदमों की जरूरत है।
अब देखना होगा कि यातायात पुलिस और संबंधित विभाग इन समस्याओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाते हैं, ताकि लोगों को रोजाना के जाम से राहत मिल सके और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं को रास्ता मिलने में देरी न हो।