Agra News: ‘संविधान बचाओ मार्च’ रोकने पर सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक, सांसद रामजीलाल सुमन हाउस अरेस्ट
आगरा में सुभाष पार्क पर ‘संविधान बचाओ मार्च’ रोके जाने के बाद पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं में नोकझोंक हुई। कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का आरोप है।
आगरा। सुभाष पार्क से प्रस्तावित ‘संविधान बचाओ मार्च’ को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद गुरुवार को आगरा में माहौल तनावपूर्ण हो गया। समाजवादी पार्टी के नेताओं के हाउस अरेस्ट और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के आरोपों के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी। महिला कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भी धक्का-मुक्की की बात सामने आई है।
समाजवादी पार्टी की ओर से पहले से ही 8 अक्टूबर को सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालने और प्रदर्शन करने का कार्यक्रम घोषित किया गया था। पार्टी ने कार्यकर्ताओं को सुबह सुभाष पार्क पर एकत्र होने के निर्देश दिए थे।
सपा सांसद के आवास पर पुलिस ने की बैरिकेडिंग
मार्च से पहले सपा नेताओं के घरों के बाहर पुलिस की तैनाती की गई। सपा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर भी पार्टी कार्यकर्ता जुटे, जिसके बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
कलेक्ट्रेट की ओर जाने का प्रयास कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया और कई लोगों को पुलिस लाइन ले जाने की बात सामने आई है। इन कार्रवाइयों को लेकर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।
सुभाष पार्क पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक
सुभाष पार्क पर पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। महिला कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भी धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
सपा की ओर से पुलिस-प्रशासन पर प्रदर्शन रोकने और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के आरोप लगाए गए हैं। पार्टी नेताओं ने इसे विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जोड़ते हुए अपनी आपत्ति जताई है। इन आरोपों को सपा का पक्ष मानते हुए देखा जाना चाहिए।
कलेक्ट्रेट की ओर जाने की थी योजना
सपा ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत 8 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन की घोषणा की थी। पार्टी की योजना सुभाष पार्क से मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचने और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने की थी।
पार्टी ने इस अभियान को लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने का कार्यक्रम बताया था।
पुलिस की तैनाती से बढ़ी सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए सुभाष पार्क, कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाकों में पुलिस की तैनाती की गई। बैरिकेडिंग के जरिए मार्च के रास्ते को नियंत्रित किया गया।
आगरा में इससे पहले भी राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। 6 अक्टूबर को सपा के एक अन्य कार्यक्रम में पुतला फूंकने के प्रयास को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की की रिपोर्ट सामने आई थी।
फिलहाल सुभाष पार्क पर मार्च रोके जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया।