जनकपुरी: उड़ते राक्षस, अग्नि की लपटें और श्रीराम-जानकी विवाह के दृश्य, 'रघुवंशी रघुनंदन' ने किया मंत्रमुग्ध
आगरा के जनकपुरी महोत्सव में ‘रघुवंशी रघुनंदन’ नाटक का भव्य मंचन हुआ। रामायण के प्रसंगों, शानदार अभिनय और विशेष प्रकाश प्रभावों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
आगरा। जनकपुरी महोत्सव में जानकी की विदाई के बाद भी मिथिलानगरी में रामकथा की गूंज बनी रही। भावना एस्टेट में शनिवार शाम रामायण पर आधारित नाटक ‘रघुवंशी रघुनंदन’ का भव्य मंचन किया गया। आधुनिक तकनीक, रंग-बिरंगी रोशनी, प्रभावशाली ध्वनि और कलाकारों के शानदार अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
लाडी म्यूजिक मेकर की ओर से प्रस्तुत इस नाटक में अयोध्या के राजमहल से लेकर लंका की युद्धभूमि तक के दृश्यों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत किया गया। मंच पर उड़ते राक्षस, अग्नि की लपटों के बीच युद्ध और भगवान श्रीराम-माता जानकी के विवाह के दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
लंका दहन और राम-जानकी विवाह के दृश्यों ने जीता दिल
नाटक में रंग-बिरंगी रोशनी, पार्श्व संगीत और विशेष प्रकाश प्रभावों का शानदार संयोजन देखने को मिला। लंका दहन के दृश्य में अग्नि की लपटों और प्रकाश के प्रभाव ने दर्शकों का ध्यान खींचा। वहीं, भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह का दृश्य भी बेहद आकर्षक रहा। दीपों से सजे मंच ने विवाहोत्सव की दिव्यता को साकार कर दिया।
कलाकारों की प्रस्तुति और आधुनिक मंच सज्जा ने रामायण के प्रमुख प्रसंगों को इस तरह प्रस्तुत किया कि दर्शक कथा से जुड़ते चले गए। नाटक के माध्यम से भक्ति, त्याग, मर्यादा और धर्म के महत्व का संदेश भी दिया गया।
कलाकारों ने निभाए रामायण के प्रमुख पात्र
नाटक में गौरव खन्ना ने भगवान श्रीराम, राजन मोदी ने लक्ष्मण और प्राची ने माता सीता की भूमिका निभाई। बिंदु दारा सिंह हनुमान के रूप में नजर आए, जबकि आर्यन बब्बर ने रावण की भूमिका में दमदार अभिनय और प्रभावशाली संवाद अदायगी से दर्शकों को प्रभावित किया।
सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से रामायण के प्रसंगों को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया। भव्य प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रभाव और सजीव दृश्यों ने इस प्रस्तुति को जनकपुरी महोत्सव की यादगार प्रस्तुतियों में शामिल कर दिया।
आयोजन समिति ने सहयोगियों का जताया आभार
जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सदस्यों और महिला समिति के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने राजा दशरथ की भूमिका निभाने वाले संजय सिंघल, राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनयना लता गोयल सहित आयोजन से जुड़े प्रमुख सहयोगियों का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर संतोष कटारा, मनोज बंसल, संजय गोयल, अजय अवागढ़, नरेंद्र सिंह सेंगर, अशोक गुप्ता, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानियां और मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह सहित आयोजन समिति के सदस्य एवं महिला समिति की पदाधिकारी मौजूद रहीं।
‘रघुवंशी रघुनंदन’ के मंचन ने जनकपुरी महोत्सव की सांस्कृतिक और धार्मिक छटा को और खास बना दिया। रामायण के आदर्शों और मर्यादा के संदेश से सजी इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर दिया।