गजब का हाल: करोड़ों की सरकारी जमीन पर पुलिसकर्मियों का कब्जा, राजस्व विभाग की जांच में हुआ खुलासा
आगरा के एत्माद्दौला थाने के पास करीब 9,650 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर तीन पुलिसकर्मियों द्वारा मकान बनाने का आरोप लगा है। राजस्व जांच में शिकायत सही पाई गई, लेकिन तहरीर के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। आगरा के एत्माद्दौला थाने के पास करीब 9,650 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर तीन पुलिसकर्मियों द्वारा मकान बनाने का आरोप लगा है। राजस्व जांच में शिकायत सही पाई गई, लेकिन तहरीर के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई।
आगरा। शहर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। एत्माद्दौला थाने के पास करीब 9,650 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर तीन पुलिसकर्मियों द्वारा कब्जा कर मकान बनाने का आरोप लगा है। राजस्व विभाग की जांच में शिकायत सही पाई गई है। इसके बावजूद लेखपाल और नजूल मुहर्रिर की ओर से थाने में तहरीर दिए जाने के बाद भी अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।
मामला रामबाग चौराहे से एत्माद्दौला थाने की ओर जाने वाली सड़क के किनारे स्थित जमीन का है। राजस्व विभाग के अभिलेखों के अनुसार, मौजा चक हफ्तम, तहसील सदर के खसरा संख्या 392 में दर्ज 0.965 हेक्टेयर यानी लगभग 9,650 वर्गमीटर जमीन सरकारी है। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
तीन पुलिसकर्मियों पर मकान बनाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, पुलिसकर्मी भारती सिंह और महेश चंद्र यादव ने सरकारी जमीन पर मकान बना लिए हैं। वहीं, पुलिसकर्मी प्रमोद गौतम पर भी इसी जमीन पर निर्माण कराने का आरोप है। बताया जा रहा है कि सरकारी जमीन पर निर्माण देखकर आसपास के अन्य लोगों ने भी वहां कब्जा करना शुरू कर दिया।
राजस्व विभाग की जांच में शिकायत सही
मामले की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए। एसडीएम सदर ने 24 अक्टूबर को राजस्वकर्मियों की टीम गठित कर मौके पर जांच के लिए भेजा। जांच के दौरान सरकारी जमीन पर कब्जे और निर्माण से जुड़े आरोप सही पाए गए।
इसके बाद क्षेत्रीय लेखपाल और नजूल मुहर्रिर ने कब्जा करने के आरोपियों के खिलाफ एत्माद्दौला थाने में तहरीर दी। हालांकि, खबर लिखे जाने तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी।
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहे अवैध कब्जे
सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला सामने आने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जमीन के शेष हिस्से पर भी दूसरे लोग कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति पर और अवैध निर्माण हो सकते हैं।
डीसीपी सिटी बोले- कब्जा मिला तो खाली कराई जाएगी जमीन
मामले में डीसीपी सिटी रवींद्र कुमार ने कहा कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। यदि पुलिसकर्मियों ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है तो जमीन खाली कराई जाएगी और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
फिलहाल मामले में प्राथमिकी दर्ज होने और प्रशासन की आगे की कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग क्या कदम उठाते हैं।