यूपी न्यूज: राज्यपाल का निकला काफिला, तो थम गया आगरा; हाईवे पर दो घंटे जाम में फंसे लोग
आगरा में राज्यपाल के काफिले के दौरान करीब 20 मिनट ट्रैफिक रोके जाने से हाईवे पर जाम लग गया। आईएसबीटी से सिकंदरा तक वाहन फंसे रहे, वहीं सेंट पीटर्स रोड और एमजी रोड पर भी यातायात प्रभावित हुआ।
आगरा। शहर में बुधवार को राज्यपाल के काफिले के गुजरने के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। हाईवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। काफिले को निकालने के लिए करीब 20 मिनट तक ट्रैफिक रोका गया, लेकिन इसका असर काफी देर तक बना रहा। आईएसबीटी से सिकंदरा तक वाहन जाम में फंसे रहे और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूलों की छुट्टी और कार्यालयों के व्यस्त समय के दौरान सेंट पीटर्स रोड, एमजी रोड, बोदला और रामनगर की पुलिया समेत कई इलाकों में भी यातायात प्रभावित रहा।
राज्यपाल के काफिले के लिए रोका गया ट्रैफिक
राज्यपाल बुधवार को खंदारी कैंपस में आयोजित एक बैठक में शामिल हुई थीं। ईदगाह पुल पर मरम्मत कार्य के चलते रास्ता बंद होने के कारण खेरिया एयरपोर्ट जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल किया गया।
शाम करीब 4:30 बजे राज्यपाल का काफिला खंदारी से सिकंदरा, बोदला, रामनगर की पुलिया और पृथ्वीनाथ फाटक होते हुए टाटा गेट के रास्ते खेरिया एयरपोर्ट पहुंचा। काफिले को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस ने संबंधित मार्गों पर करीब 20 मिनट तक यातायात रोक दिया।
शाम के समय पहले से ही सड़कों पर वाहनों का दबाव अधिक था। ऐसे में ट्रैफिक रोके जाने के बाद हाईवे और आसपास के रास्तों पर जाम की स्थिति बन गई। आईएसबीटी से सिकंदरा तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। शाम करीब छह बजे तक कई स्थानों पर वाहन धीमी गति से चलते रहे।
स्कूलों की छुट्टी के समय सेंट पीटर्स रोड पर जाम
शहर में यातायात की समस्या केवल शाम को ही नहीं रही। सुबह स्कूल खुलने के समय सेंट पीटर्स रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वजीरपुरा रोड पर कई बड़े स्कूल होने के कारण यहां सुबह और दोपहर के समय वाहनों का दबाव अधिक रहता है।
बुधवार सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे अभिभावकों की कारें और दोपहिया वाहन जाम में फंस गए। इसी दौरान एक कंपनी का ट्रक विपरीत दिशा से आने लगा, जिससे सड़क पर आवागमन और बाधित हो गया।
जाम से बचने के लिए कुछ वाहन चालकों ने संजय प्लेस और अन्य वैकल्पिक रास्तों से निकलने की कोशिश की। इससे इन मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद वाहनों को निकलवाया। इस दौरान करीब 40 मिनट तक लोग परेशान रहे।
स्कूलों के खुलने और छुट्टी होने का समय लगभग एक जैसा होने से इस क्षेत्र में रोजाना जाम की समस्या पैदा होती है। अभिभावकों का वाहनों से बच्चों को छोड़ने और लेने आना भी यातायात का दबाव बढ़ाता है।
एमजी रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें
बुधवार सुबह करीब 10 बजे एमजी रोड पर भी जाम की स्थिति बन गई। हरीपर्वत चौराहे पर निर्धारित यू-टर्न के आसपास वाहनों का दबाव बढ़ने से सूरसदन से सेंट जोंस की पुलिया के आगे तक वाहनों की लाइन लग गई।
मौके पर मौजूद यातायात पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था संभाली और वाहनों को निकलवाना शुरू किया। करीब 25 मिनट की मशक्कत के बाद यातायात सामान्य हो सका।
यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
राज्यपाल के काफिले के दौरान ट्रैफिक रोकने के बाद लंबे समय तक जाम बने रहने और स्कूलों व कार्यालयों के व्यस्त समय में प्रमुख मार्गों पर वाहनों के फंसने से शहर की यातायात व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। ईदगाह पुल बंद होने के कारण वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ा दबाव भी परेशानी की एक वजह रहा।
एडीसीपी अलका सिंह ने बताया कि राज्यपाल का काफिला निकालने के लिए कुछ समय के लिए यातायात रोका गया था। इसके बाद यातायात पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर वाहनों को निकलवाया।
शहरवासियों को राहत देने के लिए प्रमुख चौराहों, स्कूलों के आसपास और वैकल्पिक मार्गों पर बेहतर यातायात प्रबंधन की जरूरत है, ताकि व्यस्त समय में लोगों को लंबे जाम का सामना न करना पड़े।