आगरा में 59 निजी विद्यालयों को बंद करने का आदेश:अमान्य स्कूल्स पर एक-एक लाख जुर्माना, बीएसए ने कार्रवाई की
आगरा में बेसिक शिक्षा विभाग ने छह विकास खंडों के 59 अमान्य स्कूलों को बंद कराने के आदेश दिए हैं। प्रत्येक स्कूल पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आगरा। आगरा में बिना मान्यता के स्कूल संचालित करने वालों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने जिले के छह विकास खंडों में संचालित 59 अमान्य विद्यालयों को बंद कराने का आदेश दिया है। इसके साथ ही प्रत्येक विद्यालय पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. राकेश सिंह ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को जुर्माने की वसूली कराने और स्कूलों का संचालन बंद कराकर कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
बाह ब्लॉक में सबसे ज्यादा 15 अमान्य स्कूल मिले
बेसिक शिक्षा विभाग की जांच में जिले के छह विकास खंडों में कुल 59 ऐसे विद्यालय चिह्नित किए गए हैं, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे। इनमें बाह विकास खंड में सबसे ज्यादा 15 अमान्य स्कूल सामने आए हैं। विभाग ने सभी चिह्नित विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की तैयारी की है।
अमान्य विद्यालयों के संचालन को लेकर विभाग की इस कार्रवाई से स्कूल संचालकों में हलचल है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि चिह्नित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
जुर्माना वसूलने के साथ स्कूल बंद कराने के निर्देश
बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चिह्नित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई पूरी कराने को कहा है। इसके तहत विद्यालय संचालकों से निर्धारित जुर्माने की धनराशि वसूल की जाएगी और स्कूलों का संचालन बंद कराया जाएगा।
अधिकारियों को कार्रवाई पूरी होने के बाद विभाग को रिपोर्ट भी सौंपनी होगी। विभाग का उद्देश्य बिना निर्धारित मान्यता के चल रहे विद्यालयों पर रोक लगाना और शिक्षा व्यवस्था में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
मान्यता के बिना स्कूल चलाना नियमों के खिलाफ
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, बिना मान्यता के विद्यालय संचालित करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 और उत्तर प्रदेश शिक्षा का अधिकार नियमावली, 2011 के प्रावधानों के विपरीत है। इसी के तहत अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
मान्यता संबंधी नियमों का उद्देश्य बच्चों को निर्धारित शैक्षणिक मानकों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना और विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं व व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना है।
अभिभावकों को भी बरतनी चाहिए सावधानी
अमान्य स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के बीच अभिभावकों के लिए भी जरूरी है कि वे अपने बच्चों का दाखिला कराने से पहले विद्यालय की मान्यता और संबंधित दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करें। इससे बच्चों की पढ़ाई में संभावित बाधाओं से बचने में मदद मिल सकती है।
आगरा में 59 अमान्य विद्यालयों के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि जुर्माने की वसूली और स्कूल बंद कराने की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करें। विभाग की ओर से कार्रवाई की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।