यूपी: सो रहे हैं जनप्रतिनिधि, जगाने के लिए बजाए झुनझुनें; आगरा में यमुना की बदहाली पर अनूठा प्रदर्शन
आगरा में यमुना की बदहाली के खिलाफ रिवर कनेक्ट कैंपेन ने झुनझुना दिवस मनाया। कार्यकर्ताओं ने झुनझुने बजाकर जनप्रतिनिधियों को चुनावी वादे याद दिलाए।
आगरा। ताजनगरी में यमुना नदी की लगातार बिगड़ती स्थिति और सरकारी उदासीनता के खिलाफ पर्यावरण प्रेमियों ने अनूठे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। रविवार को रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने यमुना आरती स्थल पर झुनझुना दिवस मनाया। हाथों में झुनझुने और तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का ध्यान यमुना की बदहाली की ओर आकर्षित किया।
त्योहारों के माहौल के बीच यमुना की खराब स्थिति से चिंतित पर्यावरण प्रेमियों ने इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने झुनझुने बजाते हुए नारे लगाए। घाट पर गूंजे 'आगरा को क्या मिला? झुनझुना, झुनझुना!' के नारों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
चुनावी वादे याद दिलाने के लिए मनाया झुनझुना दिवस
रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने बताया कि झुनझुना दिवस मनाने का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को उनके चुनावी वादे याद दिलाना है। उनका कहना है कि यमुना की सफाई और नदी को स्वच्छ बनाने के लिए समय-समय पर कई आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन किसी उत्सव का हिस्सा नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की सुस्ती और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध है। झुनझुने और तख्तियों के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि यमुना की बदहाली अब अनदेखी नहीं की जा सकती।
यमुना की सफाई और संरक्षण की उठाई मांग
प्रदर्शन में शामिल पर्यावरण प्रेमियों ने यमुना की स्वच्छता, संरक्षण और नदी की स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि यमुना आगरा की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में नदी की दुर्दशा शहर के पर्यावरण और पर्यटन दोनों के लिए चिंता का विषय है।
रिवर कनेक्ट कैंपेन के इस अनूठे विरोध के जरिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को संदेश दिया गया कि यमुना को लेकर किए गए वादों को पूरा करने के लिए अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।