सांसों पर संकट: आगरा की हवा हुई जहरीली, सड़कों पर उतरे पानी के टैंकर; 39 में से 32 चौराहे प्रदूषित
आगरा के 39 में से 32 चौराहों पर हवा की गुणवत्ता खराब होने के बाद नगर निगम ने प्रदूषण नियंत्रण अभियान शुरू किया है। 18 टैंकरों से दिन में तीन बार पानी का छिड़काव और सात मशीनों से सड़कों की सफाई कराई जा रही है।
आगरा। ताजनगरी आगरा में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। शहर के 39 में से 32 प्रमुख चौराहों पर हवा की गुणवत्ता खराब होने और सड़कों पर धूल के गुबार उड़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए नगर निगम ने अब मोर्चा संभाल लिया है। शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करने के लिए 18 टैंकर और स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। वहीं, सड़कों की सफाई के लिए सात मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों को लगाया गया है।
शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए नगर निगम ने शुक्रवार से विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत अलग-अलग रूटों पर 18 पानी के टैंकर और स्प्रिंकलर के माध्यम से दिन में तीन बार सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़कों पर जमी धूल को उड़ने से रोकना और वातावरण में धूल के कणों की मात्रा कम करना है।
मैकेनिकल मशीनों से हो रही सड़कों की सफाई
नगर निगम ने सड़कों की सफाई व्यवस्था में भी बदलाव किया है। पारंपरिक झाड़ू के स्थान पर सात मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों को लगाया गया है। इन मशीनों से सड़कों की सफाई कराई जा रही है, ताकि सफाई के दौरान धूल उड़ने की समस्या को कम किया जा सके। इसके अलावा शहर में जगह-जगह सड़कों पर बने गड्ढों को भरने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम भी शुरू कराया गया है।
मेट्रो और निर्माण एजेंसियों को दिए निर्देश
वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को भी पत्र लिखा है। इसमें मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सीएम ग्रिड परियोजना का काम कर रही एजेंसियों को भी अपने कार्यस्थलों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने और निर्धारित मानकों के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण के उपाय अपनाने को कहा गया है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम की निगरानी
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि शहर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पानी का छिड़काव, मैकेनिकल स्वीपिंग और सड़कों की मरम्मत जैसे कार्य कराए जा रहे हैं।
वहीं, नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मेट्रो और सीएम ग्रिड का काम कर रही निर्माण एजेंसियों को भी स्प्रिंकलर चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी निर्माण एजेंसियों को अपने कार्यस्थलों पर निर्धारित मानकों के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम करने होंगे।
नगर निगम की इस पहल से उम्मीद है कि शहर में उड़ती धूल और सड़क किनारे जमा प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, वायु गुणवत्ता में वास्तविक सुधार के लिए नियमित सफाई, निर्माण स्थलों पर सख्ती और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को लगातार लागू करना जरूरी होगा।