logo logo
logo logo

Contact Information

Branch office: - Shop 10 38/4A Basement, block Samriddhi building, near balaji juice, J&k bank and Yes bank, Sanjay Palace, Sanjay Place, Civil Lines, Agra, Uttar Pradesh 282002

Call: +91 6399 505 060

agratrends@gmail.com
Trending in Agra

400 करोड़ का बाईपास फिर भी शहर में दौड़ रहे मौत के ट्रक, जिम्मेदारों की आंखों पर गांधारी-सी पट्टी

आगरा में 400 करोड़ रुपये का उत्तरी बाईपास बनने के बावजूद भारी वाहन एनएच-19 से शहर के बीच गुजर रहे हैं। वाटरवर्क्स फ्लाईओवर पर ट्रक की टक्कर से युवक की मौत हो गई। इस साल हाईवे पर 110 लोगों की जान जा चुकी है।


  • November 06, 2026
  • 1 minute
  • 9 Views
Image

आगरा। ताजनगरी आगरा में भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से उत्तरी बाईपास बनने के बावजूद ट्रक और अन्य भारी वाहन अब भी एनएच-19 से शहर की आबादी के बीच होकर गुजर रहे हैं। वाटरवर्क्स फ्लाईओवर पर ट्रक की टक्कर से एक और युवक की मौत ने यातायात व्यवस्था और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस साल अब तक हाईवे पर 110 लोगों की जान जा चुकी है।

बृहस्पतिवार दोपहर करीब 1:30 बजे आगरा-मथुरा हाईवे (एनएच-19) के वाटरवर्क्स फ्लाईओवर पर ट्रक की टक्कर से टूंडला निवासी 35 वर्षीय जीशान की मौत हो गई। इस हादसे के बाद एक बार फिर शहर में भारी वाहनों के प्रवेश और उनकी तेज रफ्तार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

उत्तरी बाईपास बनने के बाद भी शहर से गुजर रहे ट्रक

उत्तरी बाईपास का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया था कि भारी वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर न गुजरना पड़े। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ट्रक और अन्य भारी वाहन शहर के बीच से गुजर रहे हैं। इससे सड़क हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है तो उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने की अनुमति कैसे मिल रही है? जिला प्रशासन, कमिश्नरेट पुलिस, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

चेकिंग और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

शहर में भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी चेकिंग और निगरानी की जरूरत है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई, निर्धारित मार्गों पर निगरानी और तेज रफ्तार पर नियंत्रण जैसे कदम जरूरी हैं। लेकिन लगातार हो रहे हादसे मौजूदा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

एनएचएआई, पुलिस और आरटीओ के बीच बेहतर समन्वय के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है। केवल बाईपास का निर्माण कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि भारी वाहन निर्धारित मार्ग का ही इस्तेमाल करें।

ठोस रणनीति नहीं बनी तो जारी रहेंगे हादसे

शहर से भारी वाहनों की आवाजाही के मामले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता केसी जैन ने हादसे के लिए व्यवस्था की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि ट्रक चालक से ज्यादा जिम्मेदारी उस सिस्टम की है, जो भारी वाहनों को शहर के बीच से गुजरने से रोकने में नाकाम रहा है।

उनके मुताबिक, यदि संबंधित विभागों ने पहले से ठोस रणनीति बनाई होती और भारी वाहनों को उत्तरी बाईपास से गुजारना सुनिश्चित किया होता तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता था।

आगरा में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच अब जरूरत केवल जांच और कार्रवाई की घोषणा करने की नहीं, बल्कि सख्त यातायात प्रबंधन लागू करने की है। भारी वाहनों के लिए अनिवार्य रूट, नियमित चेकिंग, स्पीड मॉनिटरिंग और विभागों की जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।


Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *