आगरा नगर निगम सदन में शुक्रवार को होगा मंथन, 148 प्रस्तावों में से 41 एजेंडे में शामिल; मेट्रो स्टेशन और चौराहों के नाम बदलने की मांग
आगरा नगर निगम सदन में शुक्रवार को 41 प्रस्तावों पर चर्चा होगी। मेट्रो स्टेशन के नाम बदलने, सफाई, सड़क निर्माण और कर्मचारियों के मानदेय के मुद्दे उठेंगे।
आगरा। आगरा नगर निगम सदन का अधिवेशन शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने सदन का एजेंडा जारी कर दिया है। इस बार पार्षदों की ओर से कुल 148 प्रस्ताव दिए गए हैं, जिनमें से 41 प्रस्तावों को सदन के एजेंडे में शामिल किया गया है। बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, सड़क निर्माण, पेयजल और कर्मचारियों के मानदेय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
सदन में कई मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख चौराहों के नाम बदलने के प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। धार्मिक, ऐतिहासिक और महापुरुषों के नाम पर शहर के विभिन्न स्थानों का नामकरण करने की मांग की गई है। इसके अलावा कार्यकारिणी समिति की पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों का अनुमोदन भी किया जाएगा। कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लेकर सदन में पार्षदों के बीच बहस होने की संभावना है।
मेट्रो स्टेशन और चौराहों के नाम बदलने के प्रस्ताव
नगर निगम सदन में शहर के कई प्रमुख स्थानों के नाम बदलने की मांग उठाई जाएगी। इनमें महापुरुषों, शहीदों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम शामिल हैं।
प्रमुख प्रस्तावों में आईएसबीटी पर बने नए मेट्रो स्टेशन का नाम सम्राट अशोक के नाम पर रखने की मांग की गई है। वहीं फतेहाबाद रोड मेट्रो स्टेशन का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
इसके अलावा रामबाग से एत्माद्दौला रोड का नाम लोकनायिका रमामाई अंबेडकर चौक करने की मांग रखी गई है। शास्त्रीपुरम चौराहे का नाम मातंगेश्वर अहिल्याबाई होलकर के नाम पर रखने और रमाड़ा होटल चौराहे का नाम कल्याण सिंह चौहान के नाम पर करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।
आगरा किला के अमर सिंह गेट पर बने नए मेट्रो स्टेशन का नाम अमर सिंह चौहान प्रताप के नाम पर रखने तथा कारगिल चौराहे का नाम शहीद हसन मुहम्मद चौहान के नाम पर करने की मांग भी सदन में रखी जाएगी। इसके साथ ही भावना एस्टेट रोड और बापू नगर रोड के नाम बदलने के प्रस्ताव भी शामिल हैं। शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु समेत अन्य महापुरुषों के नाम पर विभिन्न स्थानों का नामकरण करने की मांग भी उठेगी।
सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण पर होगी चर्चा
सदन में शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्षदों ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, नालों की सफाई और जलभराव की समस्या को लेकर प्रस्ताव दिए हैं।
शहर के विभिन्न वार्डों में नियमित सफाई नहीं होने और कूड़ा निस्तारण की समस्याओं पर चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही बारिश के दौरान जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी इंतजाम करने का मुद्दा भी उठाया जा सकता है।
सड़क निर्माण और कर्मचारियों के मानदेय का मुद्दा
नगर निगम के विकास कार्यों में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और अधूरे कार्यों को लेकर भी पार्षद सवाल उठा सकते हैं। पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में जरूरी विकास कार्य कराने के प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं।
इसके अलावा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय पर होने वाले खर्च और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा होगी। पार्षदों ने सफाईकर्मियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।
प्रतिमाएं लगाने और पार्कों के विकास के प्रस्ताव
सदन में महापुरुषों और शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग पर भी विचार किया जाएगा। वहीं पार्कों की देखरेख और विकास निधि से सफाईकर्मियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
बैठक में सभी 41 एजेंडा प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए जाएंगे। अब देखना होगा कि सदन में रखे गए प्रस्तावों में से किन्हें मंजूरी मिलती है और शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर क्या फैसले लिए जाते हैं।