गजब का हाल: ब्लड बैंकों में बड़ा खेल! बिना डॉक्टर-टेक्नीशियन हो रही खून की जांच, दो और पर लगी रोक
आगरा में एफएसडीए की जांच में गंभीर खामियां मिलने पर ग्रामीण भारत और जय श्री श्याम चैरिटेबल ब्लड सेंटर के संचालन पर रोक लगा दी गई है।
आगरा। शहर में ब्लड बैंकों की कार्यप्रणाली को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद आगरा के दो और चैरिटेबल ब्लड बैंकों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। इनमें प्रशिक्षित डॉक्टर और टेक्नीशियन की कमी, रक्त की जांच में लापरवाही और रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी खामियां सामने आई हैं।
एफएसडीए आयुक्त के निर्देश पर लखनऊ मुख्यालय से गठित विशेष टीमों ने शहर के ब्लड बैंकों का निरीक्षण किया। टीम ने एचआईवी, हेपेटाइटिस, सिफलिस सहित गंभीर बीमारियों की अनिवार्य जांच के लिए एलाइजा टेस्ट की व्यवस्था, तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता और सुरक्षा मानकों की जांच की।
ग्रामीण भारत चैरिटेबल ब्लड सेंटर में मिलीं कई कमियां
जांच के दौरान ग्रामीण भारत चैरिटेबल ब्लड सेंटर में मेडिकल ऑफिसर और प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ नहीं मिला। डोनर और ब्लड इश्यू रजिस्टर भी अधूरे पाए गए। इसके अलावा स्टेरिलिटी टेस्टिंग नहीं कराई जा रही थी। आपातकालीन दवाइयों की कमी और साफ-सफाई में लापरवाही भी सामने आई।
जय श्री श्याम चैरिटेबल ब्लड सेंटर में रिकॉर्ड में गड़बड़ी
वहीं, जय श्री श्याम चैरिटेबल ब्लड सेंटर में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा था। रक्त की जांच से जुड़े रिकॉर्ड में छेड़छाड़ मिली, जबकि एफेरेसिस से संबंधित दस्तावेज भी अधूरे पाए गए। इन गंभीर खामियों के आधार पर दोनों ब्लड बैंकों के संचालन पर रोक लगा दी गई।
पहले भी दो ब्लड बैंकों पर हुई थी कार्रवाई
इससे पहले भी आगरा के जय हिंद चैरिटेबल ब्लड बैंक और श्री बालाजी ब्लड बैंक के संचालन पर रोक लगाई जा चुकी है। इस तरह अब तक चार चैरिटेबल ब्लड बैंकों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
सहायक आयुक्त औषधि अरविंद गुप्ता ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय से गठित विशेष टीमें ब्लड बैंकों की जांच कर रही हैं। जहां भी अनियमितताएं मिल रही हैं, वहां मुख्यालय स्तर से कार्रवाई की जा रही है।