आगरा में फिर धंसी सड़क: हरीपर्वत पर कॉलेज के सामने हुआ गड्ढा, चार महीने पहले बिछाई थी सीवर लाइन
आगरा के हरीपर्वत चौराहे के पास एमडी जैन इंटर कॉलेज के सामने सड़क धंसने से करीब आठ फीट लंबा और डेढ़ फीट गहरा गड्ढा बन गया। सीवर लाइन में रिसाव और मिट्टी के सेटलमेंट से यातायात प्रभावित हुआ।
आगरा। शहर में सड़क धंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मंगलवार सुबह हरीपर्वत चौराहे से संजय प्लेस की ओर जाने वाले मार्ग पर एमडी जैन इंटर कॉलेज के ठीक सामने सड़क धंस गई। सड़क पर करीब आठ फीट लंबा और डेढ़ फीट तक गहरा गड्ढा हो गया। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और यातायात भी प्रभावित हुआ।
जानकारी के अनुसार, करीब चार महीने पहले इस सड़क पर सीवर लाइन बिछाई गई थी। सीवर पाइपलाइन में रिसाव और मिट्टी के सेटलमेंट के कारण सड़क का हिस्सा नीचे धंस गया। मंगलवार को यहां से गुजरने वाले वाहन चालक गड्ढे से बचते हुए निकले। कई वाहन चालकों को गिरने का डर बना रहा।
यू-टर्न के पास गड्ढे से लगा जाम
सूरसदन से हरीपर्वत की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एमडी जैन इंटर कॉलेज के पास से यू-टर्न लेने की व्यवस्था है। वाहन यहां से मुड़कर हरीपर्वत थाने के सामने से निकलते हैं। ऐसे में यू-टर्न के ठीक पास सड़क धंसने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। गड्ढे के कारण वाहन एक लेन में फंसते रहे और जाम की स्थिति बन गई।
मेट्रो निर्माण के दौरान कई बार लीक हुई सीवर लाइन
हरीपर्वत चौराहे पर मेट्रो निर्माण के दौरान पाइलिंग और ड्रिलिंग कार्य के चलते सीवर लाइन चार बार लीक हो चुकी है। इसके कारण हरीपर्वत थाने के सामने, होटल होलीडे इन के सामने और एमजी रोड पर भी सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इसके अलावा पुरानी मंडी-किला रोड, दयालबाग, कमला नगर, फतेहाबाद रोड, आवास विकास और कर्मयोगी एन्क्लेव सहित शहर के कई इलाकों में मानसून के दौरान करीब 45 से अधिक स्थानों पर सड़कें धंसने की घटनाएं हुई थीं। ज्यादातर मामलों में पानी और सीवर की पाइपलाइन में रिसाव को प्रमुख कारण बताया गया है।
इंजीनियर ने किया सर्वे, सुबह तक मरम्मत का दावा
संबंधित अधिकारी के अनुसार, एमडी जैन इंटर कॉलेज के सामने पाइपलाइन के कारण मिट्टी का सेटलमेंट हुआ, जिससे सड़क धंसकर गड्ढा बन गया। इंजीनियर को मौके पर भेजकर सर्वे कराया गया है। गड्ढे को भरवाकर सुबह तक सड़क ठीक कराने की बात कही गई है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर की सड़कों और भूमिगत पाइपलाइन की गुणवत्ता व रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।